नवाबगंज (उन्नाव): गैस एजेंसी में ‘रकम का खेल’ का आरोप,* विरोधकरने पर युवक से मारपीट—प्रशासन और पुलिस पर उठे गंभीर सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एजेंसी परिसर में लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन कई लोगों को नजरअंदाज करते हुए

उन्नाव जनपद के नवाबगंज क्षेत्र स्थित एक गैस एजेंसी एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। यहां गैस वितरण व्यवस्था में कथित* अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों ने आम उपभोक्ताओं के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। मामला उस समय तूल पकड़ गया जब गैस पर्ची कटवाने पहुंचे एक युवक ने *खुलेआम चल रहे “रकम के खेल*” का विरोध किया—और आरोप है कि इसके बाद उसके *साथ मारपीट की गई।*
*प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एजेंसी परिसर में लंबी लाइन लगी हुई थी, लेकिन कई लोगों को नजरअंदाज करते हुए कुछ चुनिंदा लोगों को प्राथमिकता दी जा रही थी*। आरोप है कि ₹1500 तक की अतिरिक्त रकम लेकर “ब्लैक” में पर्ची काटी जा रही थी, जबकि सामान्य उपभोक्ता घंटों लाइन में खड़े रहकर भी खाली हाथ लौट रहे थे।
“*पीड़ित रमेश, जो नवाबगंज नगर पंचायत कार्यालय के सामने का* निवासी बताया जा रहा है, ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा—“यहां नियम नहीं, पैसा चल रहा है। जो पैसे दे रहा है, उसे तुरंत गैस मिल रही है, बाकी लोग परेशान हो रहे हैं।” रमेश का कहना है कि जब उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया, तो एजेंसी कर्मचारियों ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और फिर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की।
*घटना के बाद एजेंसी परिसर में हंगामा मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची* और किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने केवल मामला शांत कराने तक ही अपनी भूमिका सीमित रखी और किसी भी पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की।
*इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गैस एजेंसियों पर वाकई खुलेआम अवैध वसूली का खेल चल रहा है*? यदि हां, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक चुप क्यों हैं? आम जनता की शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या आम आदमी अपने हक के लिए आवाज उठाने पर सुरक्षित है?
*स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पहले भी गैस वितरण में गड़बड़ी और फर्जी बुकिंग जैसे आरोप सामने आ चुके हैं,* लेकिन हर बार मामला दबा दिया जाता है। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं सिस्टम में बड़ी खामियां हैं और जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं।
*अब जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले, निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे”*। केवल मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कर देना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक भ्रष्टाचार पर सख्त प्रहार नहीं होगा, तब तक आम जनता इसी तरह शोषण का शिकार होती रहेगी।
👉 नवाबगंज के लोगों की मांग:
“हमें सिर्फ शांति नहीं, न्याय चाहिए
जिला उन्नाव रिपोर्टर अमन सिंह RK News24 Media




