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*सिधौली में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन चित्रकूट विधायक अनिल प्रधान शामिल हुए* भक्ति और कीर्तन करो : पंडित रामकिशोर शास्त्री जी महाराज चित्रकूट पहाड़ी ब्लॉक स्थित ग्राम सिधौली गांव में प्राचीन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को सदर विधायक चित्रकूट अनिल प्रधान शामिल हुए। कथा व्यास रामकिशोर शास्त्री जी ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है। इस अवसर पर आयोजक विश्वनाथ राजपूत, ग्राम प्रधान भानपुर शिवचरण अवस्थी विक्रम राजपूत, पप्पू द्विवेदी, सुशील द्विवेदी, जागेश्वर राजपूत, आदि भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।

चित्रकूट पहाड़ी ब्लॉक स्थित ग्राम सिधौली गांव में प्राचीन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को सदर विधायक चित्रकूट अनिल प्रधान शामिल हुए

  • चित्रकूट पहाड़ी ब्लॉक स्थित ग्राम सिधौली गांव में प्राचीन हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को सदर विधायक चित्रकूट अनिल प्रधान शामिल हुए। कथा व्यास रामकिशोर शास्त्री जी ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। लेकिन ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है।

कथा व्यास ने पांडवों के जीवन में होने वाली श्रीकृष्ण की कृपा को बड़े ही सुंदर ढंग से दर्शाया। कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव जी के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है, जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है।

कथा व्यास ने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर ने सूर्यदेव की उपासना कर अक्षयपात्र की प्राप्ति किया। हमारे पूर्वजों ने सदैव पृथ्वी का पूजन व रक्षण किया। इसके बदले प्रकृति ने मानव का रक्षण किया। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है वह हर किसी में बसता है।

इस अवसर पर आयोजक विश्वनाथ राजपूत, ग्राम प्रधान भानपुर शिवचरण अवस्थी विक्रम राजपूत, पप्पू द्विवेदी, सुशील द्विवेदी, जागेश्वर राजपूत, आदि भारी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।

ब्यूरो चीफ हिमांशु राजपूत की रपोर्ट

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