जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर एसपी सख्त, निष्पक्ष कार्रवाई के दिए निर्देश
हरदोई। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देते हुए

हरदोई। आमजन की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की शिकायतें गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का स्वयं अवलोकन किया और संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामलों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी तथा अन्य पुलिस संबंधी मामलों से जुड़ी शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष प्रस्तुत कीं। पुलिस अधीक्षक ने सभी शिकायतकर्ताओं की बात धैर्यपूर्वक सुनी और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की वस्तुस्थिति का गहन परीक्षण कर विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रत्येक फरियादी को न्याय दिलाना है। इसलिए सभी अधिकारी शिकायतों के निस्तारण में पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एसपी अशोक कुमार मीणा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष ढंग से करते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए। यदि किसी प्रकरण में अतिरिक्त जांच की आवश्यकता हो तो संबंधित पक्षों से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त कर कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का दायित्व केवल अपराधों की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान कर पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सभी थाना प्रभारी एवं संबंधित अधिकारी जनशिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा करें और प्रगति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराते रहें।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस कार्यालय के संबंधित शाखाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर पुलिस अधीक्षक ने लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक पीड़ित को समय पर न्याय मिल सके और पुलिस-जन संवाद को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।




