उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के अंतर्गत मंडावली थाना क्षेत्र में थाना प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध जातिसूचक शब्दों और अमर्यादित भाषा के प्रयोग से जुड़े वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से बताया गया कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बताया गया कि बुधवार को सोशल मीडिया पर चार वीडियो क्लिप तेजी से प्रसारित हुईं, जिनमें एक व्यक्ति मंडावली थाना प्रभारी निरीक्षक के लिए आपत्तिजनक व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले की प्राथमिक जांच कराई, जिसमें वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पुलिस के समक्ष यह तथ्य आया कि वीडियो में कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने वाला व्यक्ति मुकुल सहरावत, निवासी ग्राम चमरौला, थाना नांगल, जनपद बिजनौर है, जो स्वयं को किसान नेता बताता है। इसके बाद मंडावली थाना प्रभारी की तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है कि आरोपी द्वारा वैध दस्तावेजों के साथ खनन सामग्री ले जा रहे वाहनों से अवैध वसूली करने का प्रयास किया जा रहा था। इसके साथ ही वह थाना क्षेत्र में अवैध खनन कराने का दबाव भी बना रहा था।
पुलिस के अनुसार, जब थाना प्रभारी ने इस तरह की किसी भी गतिविधि में सहयोग करने से साफ़ इनकार किया, तो आरोपी द्वारा जातिसूचक टिप्पणी और गाली-गलौच की गई, जिसकी रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मंडावली पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एससी/एसटी एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खनन वाहनों से रंगदारी मांगने के आरोपों की भी जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।
मामले में आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़, जातिसूचक टिप्पणी और अवैध गतिविधियों पर किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी, चाहे आरोपी किसी भी संगठन या पद से जुड़ा क्यों न हो।




