
गोण्डा।
जिले में हो रही बारिश के बीच बच्चों में वायरल बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, गले में संक्रमण, उल्टी-दस्त और वायरल संक्रमण से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है। चिकित्सकों ने अभिभावकों से बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
बारिश का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में वायरल बिमारियों ने भी अपने पैर पसारना शुरू कर दिया है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के चलते बच्चे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे है। इन्ही सब बातों को लेकर बाल रोग विशेषज्ञ डा. घनश्याम गुप्ता ने बताया कि मौसम में नमी और जलभराव के कारण वायरस तेजी से फैलते है। छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होने के कारण वे संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाते है। तेज बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बार-बार उल्टी या दस्त होने पर बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि बच्चों को साफ और ताजा भोजन दें, उबला या शुद्ध पानी पिलाएं, हाथ धोने की आदत विकसित करें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न ले जाएं। उन्होंने कहा कि घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की भी सलाह दी। उनका कहना है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं न दें। यदि बुखार दो दिन से अधिक बना रहे या बच्चे की हालत बिगड़ती दिखाई दे तो तत्काल अस्पताल पहुंचकर जांच और उपचार कराना चाहिए।




